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क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मामकौर पाल गड़रिया

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मामकौर गड़रिया जब भी भारत की आजादी में स्वतंत्रता सेनानी महिलाओं का नाम आता है तो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जन्मीं व मुजफ्फरनगर की सबसे लीडर महिला स्वतंत्रता सेनानी में मामकौर पाल का नाम सबसे ऊपर आता है | 1857 ई. की क्रांति में मामकौर पाल या मामकौर गड़रिया भी आजादी की जंग में सबसे आगे रहीं। उनके जत्थे में 250 महिलाएं थी, जो पुरुष वेश में रहती थी। मुजफ्फरनगर शहर में हमले के बाद अंग्रेजों ने मामकौर को पकड़कर फांसी पर लटका दिया था। मामकौर भारत की ऐसी पहेली भारतीय महिला थी जिन्हें फांसी सजा मिली |

महाराजा तुकोजीराव होल्कर × Kshatriya Gadariya

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Kshatriya Gadariya

गडरिया समाज के कुछ बड़े नेता मुख्यमत्री उपमुख्यमंत्री राज्यपाल राज्यमंत्री कैबिनेट मंत्री * गडरिया समाज * Gadariya Sarkar *Kshatriya Gadariya

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गडरिया समाज के कुछ बड़े नेता मुख्यमत्री उपमुख्यमंत्री राज्यपाल राज्यमंत्री कैबिनेट मंत्री × Gadariya Sarkar * Kshatriya Gadariya

चन्द्रगुप्त मौर्य के पिता गडरिया थे | और चन्द्रगुप्त मौर्य भी धनगर गडरिया थे | चन्द्रगुप्त मौर्य जाति से गडरिया थे |

चन्द्रगुप्त मौर्य जाति से गडरिया थे |

बंगाल का पाल वशं जातिगत से गडरिया वशं था | बंगाल का पाल वशं के लोगों को गडरिया कहा जाता है |

क्षत्रिय गडरिया जाति के क्षत्रिय वशं - पाल वशं होल्कर वशं हटकर वश

क्षत्रिय गडरिया जाति के क्षत्रिय वशं - बंगाल का पाल वशं, इन्दौर का होल्कर वशं , कनार्टक का कुरूबा हटकर, हरिहर और बुक्का

भारत में गडरिया जाति की जनसंख्या 11.2 % है |

भारत में बड़े तादाद में पाई जाने वाली जाति गडरिया है जो सबसे अधिक कनार्टक महाराष्ट्र दिल्ली तेलंगाना पूर्वी उत्तर प्रदेश में पाई जाती है | इसकी जनसंख्या 11.2 %है |